पटना में लोकभवन मार्च के दौरान भारी बवाल, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए।

पटना में 8 अक्टूबर 2026 को SIR और चुनाव आयोग के खिलाफ महागठबंधन के लोकभवन मार्च के दौरान जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में RJD, कांग्रेस, VIP और वाम दलों के नेता-कार्यकर्ता सड़क पर उतरे। सचिवालय के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की। इस दौरान तेजस्वी यादव बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। तेजस्वी यादव, मुकेश सहनी और मीसा भारती को पुलिस वाहन में बैठाकर लोकभवन ले जाया गया।

पटना में 8 अक्टूबर 2026 को SIR और चुनाव आयोग के खिलाफ महागठबंधन के लोकभवन मार्च के दौरान जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में RJD, कांग्रेस, VIP और वाम दलों के नेता-कार्यकर्ता सड़क पर उतरे।
सचिवालय के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की। इस दौरान तेजस्वी यादव बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। तेजस्वी यादव, मुकेश सहनी और मीसा भारती को पुलिस वाहन में बैठाकर लोकभवन ले जाया गया। हालांकि, हिरासत को लेकर अलग-अलग जानकारी सामने आई है। पटना SSP कार्तिकेय शर्मा के मुताबिक तेजस्वी यादव को औपचारिक रूप से हिरासत में नहीं लिया गया, बल्कि लोकभवन पहुंचाया गया। कुछ अन्य प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया|

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम संविधान की प्रति और हथकड़ी लेकर पहुंचे। माले के पूर्व विधायक अजीत कुशवाहा की तबीयत बिगड़ने और बेहोश होने की खबर भी सामने आई।

तेजस्वी यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाए और कथित वोट चोरी का आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। ये विपक्ष के राजनीतिक आरोप हैं, न कि स्थापित निष्कर्ष।